STORAGE DEVICES
किसी भी Computer में Primary Memory सीमित भाग में ही प्रयोग
की जाती है इसलिये अधिक मात्रा में डेटा स्टोर करने के लिए Secondary Memory का
प्रयोग किया जाता है। समान्यत Secondary Memory, Magnetic Material की बनी होती है
इसलिए Primary Memory की तुलना मे अधिक समय लगता है। इस मेमोरी का Computer में
अधिक मात्रा मे होता है।
*1॰ Magnetic Type :-
यह एक लगभग 5‘‘ चैड़ाई का रिबीन होता है जिससे एक Plastic
Base पर Magnetic Material की परत (Cotting)
होती है और इस पर कोई भी Information Magnetic (Disk) Spot के रूप में Store होती है। इसका आकार कैसेट के समान होता
है। टेप Vertical और Horizontal Rows में
Device रहता है। Vertical Columns को
Forms तथा Horizontal Rows को Tracks कहते हैं।
यह Serial Access Device है इसकी कार्य प्रणाली
Audio Tape के सामान ही होती है। इस पर नया डेटा लिखकर पुराना डेटा मिटाया
भी जा सकता है। इनका प्रयोग Magnetic tap device के माध्यम से
किया जाता है। इस Unit में जितनी बिट्स या बाईटस स्टोर होती है।
वह टेप में डिवाइड होती है। हर ट्रेक्स में 556 बी.पी.आई. (Bytes Per Inches) Data Store कर सकते हैं। इसके अलावा 800 B.P.I. 1600 B.P.I. भी डिवाईस
होती है। टेप गति 200 Inches Per Second होती है।
Computer-Storage-Devices-in-hindi |
§ Advantages
:-
1. Unlimited
Storage:- Magnetic tape में काफी अधिक मात्रा में डेटा स्टोर कर सकते
हैं।
2. High
data density:- Magnetic Tape में कम जगह में अधिक मात्रा में data
store किये जाते हैं। अर्थात इसमें डेटा रखने की density बहुत अधिक होती है।
3. Lower
Cost:- Magnetic tape अन्य data storage device तुलना में सस्ती होती है।
4. Easy of Holding:-
Magnetic tape को हल्के होने के कारण इसे easily हाथ में लेकर कही भी जा सकता है।
5. Portability:- Magnetic tape आकार
में काफी छोटे होते हैं।
§ Disadvantages:-
1. “No
Direct Access :-
Magnetic tape एक Serial Access device है। अतः इस पर Store की गयी किसी भी Information
को Direct या सीधे Read/Write नहीं किया जाता है।” Magnetic tape एक Sequential
Access device है। इसमें किसी Particular Block की जानकारी रीड करने के लिये सारे ब्लाक से पास होकर ही जाना पड़ता है। उदा.
आडिंयों कैसट्स।
2.
Environmental Problem :-
Magnetic tape को Dust Free Environment में रखना पड़ता है यदि टेप कहीं से खराव हो गया तो वहां की जानकारी खराव हो
जाती है।
3.
Indirect Disk :-
इस टेप की जानकारी को direct read नहीं करते है।
*2. Magnetic
Disk :-
Magnetic disk एक Metal की बनी पतली
प्लेट होती है। जिसकी दोनो सतहों पर Magnetic Material Mattel tape की cutting चढ़ी होती है यह ग्रामोफोम के रिकार्ड की तरह
ही होती है। परन्तु यह आकार में छोटी होती है। इस तरह कइ Magnetic disk एवं ऊपर एक समानांतर लगाकर उपयोग की जाती है।
इन डिस्क के समुह को डिस्क रेक कहा जाता है। इस डिस्क रेक की Top Plate upper
surface और bottom plate की lower
surface को छोड़कर सभी डिस्क में दोनों जगहों पर जानकारी स्टोर की जाती
है। प्रत्येक डिस्क बहुत से ट्रेक्स में divided रहती है। और
ये ट्रेक्स बहुत से सेक्टर में विभाजित रहते है। इसमें प्रत्येक डिस्क की सतह पर डेटा
को रीड/राईड करने के लिये Read and Write Heads लगे रहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:-
1. Moving
Heads :-
इस सिस्टम में हैडस एक पर लगे होते हैं। जो प्रत्येक डिस्क
की सतह पर उपस्थित प्रत्येक ट्रेक्स पर जाकर रीड/राईड करते हैं।
2. Fixed
Head :-
प्रत्येक डिस्क की सतह पर उस प्रत्येक ट्रेक्स को रीड/राईट करने के लिये अलग-अलग रीड/राईड हैडस लगे होते हैं।
Ø Features
of Magnetic Disk:-
1. Magnetic
disk एक direct access (R/W) है एक साथ ही इसके
द्वारा Serial information भी access की
जा सकती है।
2. Magnetic
disk का access time अर्थात R/W करने में बहुत कम होता है।
3. Magnetic
disk का Data Density (घनत्व) बहुत अधिक होता है। बहुत कम जगह में अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है।
4. इसमें
किसी भी जानकारी को मिटाकर नयी जानकारी डाली जा सकती है।
5. Magnetic
tape की तुलना में सस्ती है।
6. Easy handling
रखरखाव में आसान होती है।
Ø Type of Magnetic disk
#1.
Hard Disk
:-
“यह एक बहुत अधिक क्षमता वाली Magnetic Disk होती है। जिसमें बहुत अधिक मात्रा में डेटा स्टोर किया जा सकता है। इसमें सामान्यता
एक से अधिक डिस्क एक पूर्णतः बड़े बाक्स में रखी जाती है। जिससे उनमें डस्क या इनवायरमेंट
का प्रभाव नही हो पाता। वर्तमान में इसमें 2 G.B. से लेकर
40 G.B. तक उपलब्ध है।
Computer में सी.पी.यु. में उपर की और एक या दो डिवाईस होते हैं। जिसे HDD
कहा जाता है विभिन्न प्रकार की Magnetic Disk के
भिन्न-भिन्न प्रकार हैं।
A. Fixed Hard
disk
B. Removable
Hard disk
C. Winchester
Hard disk
D. Multi
Disk Memory
A.
Fixed Hard Disk :-
इसका प्रयोग Micro Computer में अधिक होता है ये सामान्यतः
3.5 इंच तथा 5.25 इंच चैड़ाई की जाती है। तथा इन्हें
बार-बार निकाला जा सकता है। इनकी क्षमता 20 M.B. 30 MB, 80MB, 120MB, 200MB, 300MB, 600MB, आदि होती है।
B.
Removable Hard disk :-
यह Computer से निकालकर बार-बार पुनः लगायी जा सकने योग्य हार्ड डिस्क होती है इसका प्रयोग
Mainframe Computer में होता है।
C. Winchester Disk
:-
इन्हे धूल या बाहरी कणों से बचाने के लिये एअर
प्रुफ जगह में रखा जाता है। इन्हे चलाने के लिए Winchester Disk Drive की आवश्यकता
होती है। इसका उपयोग मिनी या मेनफ्रेम कम्प्युटर में किया जा सकता है। जहां एक ही Winchester
Disk से लगातार कार्य किया जाता है।
D.
Multi Disk Memory :-
इसमें एक ही अक्ष पर कई डिस्क लगी होती है प्रथम व अंतिम डिस्क को छोड़कर
प्रत्येक डिस्क की दोनो सतहों पर डेटा रीड/राईट किया जा सकता है। प्रत्येक डिस्क
की सतह के लिये प्रथक- प्रथक रीड/राईट हेड
होते हैं। जो एक ही भुजा से जुड़े होते हैं। मल्टी डिस्क प्रणाली में प्रथम व अंतिम
डिस्क की बाहरी सतह पर डेटा नहीं लिखा जाता है। इसमें डेटा रीड/राईट करते समय में ही अधिक डेटा पढा या लिखा जाता है। इस प्रकार इस प्रणाली
में उच्च संग्रहण क्षमता के साथ ही उच्च लेखन व पढने की गति भी प्राप्त की जा सकती
है इसका प्रयोग Mainframe Computer में होता है।
#2. Floppy Disk :-
इस पर डेटा स्टोर कर आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता
है। इसमें एक मैगनेटिक डिस्क होती है। जो कि एक प्लास्टिक कवर से ढकी होती है यह कवर
डिस्क को धुल व वातारवरण के प्रभाव से बचाता है।
यह एक प्लास्टिक की लचीली डिस्क होती है। जिस पर Magnetic Material की Cotting होती है। एवं इसकी कास्ट भी कम होती है। यह
डिस्क एक कवर से ढकी रहती है जो कि डस्क से डिस्क की सुरक्षा करता है।
डिस्क जिस कवर से ढकी रहती है। वह एक जगह से कटा रहता है जहां की डिस्कउ
सरफेस दिखाई देता है इसी जगह से डिस्क में जानकारी रीड/राईट
हेडस के द्वारा डेटा रिवाईस किया जाता है । सामान्सतः प्रयोग में आने वाली फ्लापी निम्न
प्रकार की होती।
क्र.
|
आकार
|
संचयी क्षमता
|
तकनीक नाम
|
1
|
5.25’’
|
360 KB
|
SSDD
(Single sided double density)
|
2
|
5.25’’
|
1.2 MB
|
DSDD
(Double sided Double density)
|
3
|
5.50’’
|
720 KB
|
SSDD
(Single sided double density)
|
4
|
3.50’’
|
1.44 MB
|
DSDD
(Double Sided Double density)
|
Floppy Disk :- 5.25 & 3.5 ‘‘आकार की जाती है। जिन्हे क्रमश: डिस्क मेन डिस्क माईको डिस्क के नाम से जानी जाती है। सभी साईज में एक या दोनों सतहो पर रीड/राईड योग्य फ्लापी होती है।
#3. Optical disk :-
Optical disk वास्तव में प्लास्टिक की एक गोल डिस्क होती
है। जिससे लेजर रेस की सहायता से डेटा रीड/राईट किया जाता है।
वर्तमान में आपटिकल डिस्क के रूप में सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली डिस्क काम्पेक्ट
डिस्क (सी.डी.) है
इंस पर बहुत कम जगह में बहुत अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है।
वर्तमान में लगभग एक सीडी पर 700 एम.बी. डेटा स्टोर किया जा सकता है। इस पर स्टोर किया गया डेटा स्थाई रूप से स्टोर रहता है। जिसे सामान्यतः परिवर्तित नही किया जा सकता है।
इसमें स्टोर किये जाने वाले डेटा को बायनरी में बदलकर लेजर रेस को Modulate करके प्लाटर की सतह पर रिकार्ड कर लिया जाता है। इस डेटा को पुनः लेजर रेस
द्वारा ही पढा जाता है। कम स्थान पर अधिक डेटा स्टोर करने के कारण ही इसे काम्पेक्ट
डिस्क कहते है। इस डिस्क का प्रयोग केवल एक बार रिकार्ड करने के लिये किया जाता है।
अतः यह रोम के समान होने से सीडी रोम भी कहलाती है। इसकी संग्रह क्षमता अत्यधिक होती है। परन्तु यह मंहगी
तकनीक है।
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